दिल्ली-एनसीआर के कवि सम्मेलनों और मुशायरों में बढ़ती गुटबाज़ी
दिल्ली – दिल्ली-एनसीआर लंबे समय से हिंदी कवि सम्मेलनों और उर्दू मुशायरों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ की साहित्यिक महफ़िलों ने देश को अनेक बड़े कवि, शायर और साहित्यिक आंदोलनों की सौगात दी है। कभी ये मंच विचारों की उर्वर भूमि हुआ करते थे, जहाँ रचना की गुणवत्ता, संवेदना और वैचारिक गहराई ही कवि …
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