यूपी – गाजियाबाद। शहर के नागरिकों को पहली बार एक अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर प्राप्त होने जा रहा है। सोमनाथ मंदिर के मूल शिवलिंग के पवित्र अवशेष, जिन्हें लगभग एक हजार वर्षों तक गुप्त रूप से सुरक्षित रखा गया था, अब सार्वजनिक दर्शन के लिए गाजियाबाद लाए जा रहे हैं।

लगभग एक हजार वर्ष पूर्व महमूद ग़ज़नी के आक्रमण के दौरान सोमनाथ मंदिर के मूल शिवलिंग को खंडित कर दिया गया था। उस समय श्रद्धालुओं ने शिवलिंग के पवित्र अंशों को सुरक्षित बचाकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित किया। इन अवशेषों का संरक्षण अग्निहोत्री ब्राह्मण वंश द्वारा पूर्ण श्रद्धा एवं गोपनीयता के साथ किया गया।
अब एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक पहल के अंतर्गत इन पवित्र अवशेषों को गुरुदेव रवि शंकर को सौंपा गया है, जिससे इस पवित्र विरासत का पुनर्जागरण हो सके और श्रद्धालुओं को विधिपूर्वक दर्शन का अवसर मिल सके।
यह अवसर आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक माना जा रहा है। शिवलिंग के ये दिव्य अवशेष भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा से पुनः जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसी क्रम में गाजियाबाद में ‘सोमनाथ ज्योतिर्लिंग यात्रा’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी देखरेख बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम से आए स्वामी गुनातीत करेंगे।
इस अवसर पर स्वामी गुनातीत ने कहा कि यह गाजियाबाद के नागरिकों के लिए एक दिव्य आशीर्वाद है और यह ऐसा अनुभव है मानो तीर्थ स्वयं श्रद्धालुओं के द्वार आ गया हो। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों से दर्शन लाभ लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग परिवार के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण
स्थान: रामलीला मैदान, कवि नगर
दिनांक: 10 जनवरी 2026
शोभा कलश यात्रा: दोपहर 2:30 बजे
(शिव मंदिर, सी-ब्लॉक, कवि नगर से रामलीला मैदान तक)
दर्शन: शाम 4:00 बजे से
रुद्र पूजा: शाम 5:30 बजे







