कवि सम्मेलन पिकनिक नहीं, पाठशाला है
कवि सम्मेलन भारतीय साहित्यिक परंपरा का एक अत्यंत लोकप्रिय और प्रभावशाली मंच रहा है। यह केवल कविता सुनने-सुनाने का आयोजन नहीं, बल्कि भाषा, साहित्य, संस्कार, संवेदना और सामाजिक चेतना का जीवंत उत्सव हुआ करता था। कवि सम्मेलन में कवि अपनी रचना लेकर आता था, लेकिन साथ ही वह दूसरे कवियों को सुनने, उनसे सीखने और …










