ब्रह्मज्ञान की दिव्य रोशनी भयमुक्त जीवन जीना सिखाती है : सुदीक्षा महाराज
यूपी – गजियाबाद ब्रह्मज्ञान को जीवन का आधार बनाकर निरंकार से जुड़े रहना और मन में उसका प्रतिपल स्मरण करते हुए, सेवा भाव को अपनाकर जीना ही वास्तविक भक्ति है। पुरातन संतों एवं भक्तों का जीवन भी ब्रह्मज्ञान से जुड़कर ही सार्थक हो पाया हैं।‘‘ यह उक्त उद्गार निरंकारी सत्गुरू माता सुदीक्षा महाराज ने ‘मुक्ति …
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