भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी में सत्येन्द्र सिंह को मिली जिम्मेदारी

25 वर्षों की समाजसेवा और संगठनात्मक अनुभव को मिला सम्मान, दिव्यांगजनों के अधिकारों एवं सशक्तिकरण के लिए करेंगे कार्य

यूपी – गाजियाबाद, 3 नवंबर। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश ने गाजियाबाद के वरिष्ठ समाजसेवी एवं सक्रिय कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह को भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ की प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य मनोनीत किया है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को जारी संगठनात्मक घोषणा में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके मनोनयन को संगठनात्मक अनुभव और करीब 25 वर्षों की समाजसेवा का सम्मान माना जा रहा है।

सत्येन्द्र सिंह ने लगभग पांच वर्षों तक भाजपा कविनगर मंडल में सोशल मीडिया संयोजक के रूप में कार्य किया। इसके बाद उन्हें भाजपा गाजियाबाद महानगर के एनजीओ प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्होंने संगठन की गतिविधियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के साथ सामाजिक संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने का काम किया।

नई जिम्मेदारी मिलने पर सत्येन्द्र सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश प्रकोष्ठ संकुल समन्वयक ओम प्रकाश श्रीवास्तव सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह पद नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों की सेवा का संकल्प है। राजनीति उनके लिए प्रतिष्ठा का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी समस्याओं का समाधान करने का जरिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में केंद्र एवं प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं चला रही हैं। उनका प्रयास रहेगा कि दिव्यांग पेंशन, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र, सहायक उपकरण, स्वरोजगार और रोजगार संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचे।

भारतीय पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पेरिस पैरालंपिक 2024 में भारत ने 29 पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। दिव्यांगता किसी की प्रतिभा और क्षमता की सीमा नहीं है। जरूरत है कि दिव्यांगजनों को समान अवसर, उचित प्रशिक्षण और सम्मान मिले।

सत्येन्द्र सिंह वर्तमान में इंडियन काउंसिल ऑफ इंडस्ट्रियल मैनेजमेंट के चेयरमैन और सामाजिक संस्था उत्थान समिति के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि अपने सामाजिक एवं औद्योगिक अनुभव का उपयोग दिव्यांग युवाओं के कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने में करेंगे। इसके लिए पार्टी संगठन, सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक संगठनों और सरकारी विभागों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम तथा सहायता शिविर आयोजित कराने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। दिव्यांगजनों को सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी।