
राष्ट्रीय सैनिक संस्था शहीद स्मारक पार्क में आयोजित करेगी सांकेतिक जन विधानसभा, गैर सरकारी संगठनों के पदाधिकारियों को भी किया जाएगा आमंत्रित
यूपी – गाजियाबाद। गृहकर में अप्रत्याशित वृद्धि के विरोध में राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने नगर आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने का निर्णय लिया है। संस्था की गाजियाबाद इकाई के शीर्ष पदाधिकारियों की बैठक 1 नवंबर को मॉडल टाउन ईस्ट स्थित संस्था के राष्ट्रीय मुख्यालय पर राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी के नेतृत्व में आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 नवंबर को सुबह 11:30 बजे मेरठ रोड स्थित शहीद स्मारक पार्क में गौरव सेनानियों और देशभक्त नागरिकों की ओर से नगर आयुक्त के विरुद्ध सांकेतिक महाभियोग लाया जाएगा।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि गाजियाबाद के लोग गृहकर में की गई अप्रत्याशित वृद्धि का पूरी तरह विरोध कर रहे हैं। यह मुद्दा नगर निगम सदन की बैठक में भी उठाया गया था, जहां सर्वसम्मति से गृहकर वृद्धि समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय के दौरान गाजियाबाद के सभी जनप्रतिनिधि मौजूद थे। संस्था के पदाधिकारियों का आरोप है कि गृहकर में वृद्धि नगर आयुक्त के प्रस्ताव के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी स्पष्ट कर चुके हैं कि गृहकर में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के जिला अध्यक्ष गौरव सेनानी ज्ञान सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर किसी अधिकारी के विरुद्ध महाभियोग की कार्रवाई विधायकों या सांसदों द्वारा की जा सकती है, लेकिन भारत एक गणतंत्र है और जनता से बड़ा कोई नहीं है। राष्ट्रीय सैनिक संस्था जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला पंजीकृत, अराजनीतिक संगठन है, जो देशभक्त नागरिकों और पूर्व सैनिकों की आवाज उठाता है।
लेफ्टिनेंट वीपी शर्मा, गौरव सेनानी ओमपाल, गौरव सेनानी चंदन सिंह, गौरव सेनानी गणेश दत्त और गौरव सेनानी राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 22 नवंबर को आयोजित सांकेतिक जन विधानसभा में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के शीर्ष पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि गृहकर की अप्रत्याशित वृद्धि वापस नहीं ली गई तो जनता आगामी चुनाव में जनप्रतिनिधियों को इसका जवाब देगी।
बैठक में अंकित शर्मा, भीम कुमार शर्मा, अजय सिंह तोमर, अर्जुन कुमार गुप्ता, मंजू घई, मोनिका गोयल, जिले सिंह, आशीष कुमार, सीके सिंह, प्रियांशु, दिलीप और स्वाति बंसल ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गृहकर में वृद्धि जनहित की आवश्यकता के बजाय नगर निगम के लालच का परिणाम है, जिसे जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

