
यूपी – गाजियाबाद। संजय नगर सेक्टर-23 स्थित श्री आदर्श धार्मिक रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रहे रामलीला महोत्सव में बुधवार रात सीता के कन्यादान और कैकेयी-दशरथ संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। दोनों प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया।
रामलीला में राजा जनक द्वारा अपनी पुत्री सीता का विवाह श्रीराम के साथ करते हुए कन्यादान का दृश्य प्रस्तुत किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच हुए मंचन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पुत्री को विदा करने के प्रसंग में राजा जनक की भावनाओं का सजीव चित्रण किया गया।
इसके बाद अयोध्या कांड के मार्मिक प्रसंग में मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगने का दृश्य दिखाया गया। कैकेयी ने भरत के लिए राजगद्दी और श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। यह सुनकर राजा दशरथ व्याकुल हो उठे। उनके विलाप और श्रीराम के वनवास की सूचना से रामलीला पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावुक हो गए।
कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों के सामने त्रेतायुग के प्रसंगों को जीवंत कर दिया। रामलीला देखने के लिए देर रात तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

