
यूपी – गाजियाबाद। नगर निगम के बढ़े हुए हाउस टैक्स को लेकर परेशान व्यापारियों के सामने अब यूपीआई के माध्यम से होने वाले निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) का नया मुद्दा सामने आया है। युवा महानगर उद्योग व्यापार मंडल गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष विपिन गोयल ने सरकार से व्यापारी वर्ग पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की मांग की है।
विपिन गोयल ने कहा कि व्यापारियों ने देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार को भी व्यापारियों की समस्याओं और बढ़ती व्यावसायिक लागत पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन, विभिन्न करों सहित अनेक खर्चों के बीच हर अतिरिक्त लागत व्यापार को प्रभावित करती है।
केंद्र सरकार के 15 सितंबर के अनुसार, व्यक्ति-से-व्यक्ति यूपीआई लेन-देन निशुल्क रहेगा। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित शून्य-एमडीआर व्यवस्था भी जारी रहेगी। सरकार के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी लेन-देन इससे अप्रभावित रहेंगे, जबकि निर्धारित ₹2,000 से अधिक के व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा।
विपिन गोयल ने कहा कि सरकार को व्यापारी संगठनों से संवाद कर छोटे और मध्यम व्यापारियों को अधिकतम राहत देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी सरकार के सहयोगी हैं और व्यापारी हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई व्यवस्था से बाजार, रोजगार और कारोबार को मजबूती मिलेगी।

