
यूपी – गाजियाबाद। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर फ्लेट ओनर फेडरेशन ने प्रशासन से सकारात्मक और स्थायी कदम उठाने की मांग की है। फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी और सचिव मुकेश अग्रवाल ने कहा कि केवल जनरेटर, ईंट भट्ठे बंद कराने और वाहनों पर रोक लगाने से प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए सकारात्मक पहल जरूरी है।
कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने सुझाव दिया कि महीने में कम से कम एक दिन कार फ्री डे घोषित किया जाए। इस दिन जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त साइकिल या ऑटो रिक्शा से कार्यालय पहुंचें, जिससे आम जनता भी प्रेरित हो। उन्होंने हिंडन श्मशान घाट पर मोक्षदा प्रणाली की दस इकाइयां लगाने की मांग की। इससे एक शव के अंतिम संस्कार में एक तिहाई लकड़ी खर्च होगी और दो तिहाई लकड़ी की बचत होगी।
उन्होंने 31 दिसंबर 2026 से पहले शहर के सभी मेट्रो और फ्लाईओवर के पिलरों पर वर्टिकल गार्डनिंग कराने तथा प्रत्येक माली को 100 पौधों की जिम्मेदारी देने का सुझाव दिया।
मुकेश अग्रवाल ने कहा कि गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार पहुंच चुका है। लगातार प्रदूषित हवा में रहने से लोगों की सेहत और जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदूषण नियंत्रण की बैठकों में सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को क्यों नहीं बुलाया जाता।
फेडरेशन ने प्रशासन से कार फ्री डे, मोक्षदा प्रणाली और वर्टिकल गार्डनिंग की शुरुआत तत्काल करने की मांग की है।

