
यूपी – गाजियाबाद। भारतीय वैश्य ग्लोबल फाउंडेशन ने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) से कर निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए धारा 44एबी के अंतर्गत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और अन्य ऑडिट रिपोर्टों की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 करने की मांग की है। साथ ही ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर करने का अनुरोध किया गया है। इस संबंध में फाउंडेशन ने सीबीडीटी को ज्ञापन सौंपा है।
फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए डॉ. विनय मित्तल ने बताया कि इस वर्ष ऑडिट के लिए समय काफी सीमित रहा। गैर-कॉरपोरेट इकाइयों के लिए नया लेखा प्रारूप 31 मार्च 2026 को अनिवार्य किया गया। आयकर रिटर्न के विभिन्न प्रपत्र और उनकी उपयोगिताएं भी देर से जारी हुईं और उनमें कई बार संशोधन किए गए। गैर-ऑडिट रिटर्न की अंतिम तिथि 31 अगस्त होने के कारण ऑडिट के लिए लगभग एक माह ही उपलब्ध रहा।
उन्होंने बताया कि सितंबर में जीएसटी, टीडीएस, अग्रिम कर, ईपीएफ और ईएसआई सहित कई अन्य अनुपालनों की अंतिम तिथियां भी हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भारी वर्षा व जलभराव से कामकाज प्रभावित हुआ। आयकर पोर्टल पर लॉगिन, ओटीपी, डिजिटल हस्ताक्षर और फॉर्म 3सीडी सत्यापन जैसी तकनीकी समस्याएं भी सामने आईं।
फाउंडेशन ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित बैंक हड़ताल का हवाला देते हुए कहा कि इससे बैंक विवरण, शेष राशि की पुष्टि और कर भुगतान प्रभावित हो सकते हैं। संगठन ने फॉर्म 3सीईबी और स्थानांतरण मूल्य निर्धारण मामलों में भी राहत देने तथा अगले वर्ष से सभी आयकर प्रपत्र और उपयोगिताएं 30 अप्रैल तक जारी करने की मांग की।
सीए डॉ. विनय मित्तल ने कहा कि करदाताओं को धार्मिक आस्था और कर अनुपालन के बीच चुनाव के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीडीटी लाखों करदाताओं के हित में समयसीमा बढ़ाने का शीघ्र निर्णय करेगा।

