महाशिवरात्रि विशेष
विष पीने वाला ही नहीं, विष को रोकने वाला ही है सच्चा शिव आज के दौर में शिवत्व का वास्तविक अर्थ महाशिवरात्रि केवल व्रत, जलाभिषेक और मंदिरों में दर्शन का पर्व नहीं है, बल्कि आत्ममंथन का भी अवसर है। भगवान शिव का संपूर्ण व्यक्तित्व त्याग, धैर्य, करुणा, न्याय और लोककल्याण का प्रतीक है। समुद्र मंथन …










