यूपी – गाजियाबाद आईएमए गाजियाबाद के नये पदाधिकारियों के कार्यभार संभालने के प्रथम दिवस की पूर्व-संध्या पर शुक्रवार को संवाददाताओं से रूबरू होते हुए आगामी कार्य योजना की विस्तार से चर्चा की।
इसमें संवाददाताओं से कार्यकारी मीडिया प्रभारी डॉ अल्पना कंसल ने नए पदाधिकारियों का पत्रकारों से परिचय कराया जिसमें अध्यक्ष डॉ संदीप वार्ष्णेय, शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ ; निर्वाचित अध्यक्ष डॉ वाणी पुरी रावत, गाइनेकोलॉजिस्ट ; उपाध्यक्ष डॉ राजीव गोयल, नाक कान एवं गला रोग विशेषज्ञ; सचिव डॉ ज्ञानेन्द्र मित्तल, कैंसर रोग सर्जन; कोषाध्यक्ष डॉ भावुक मित्तल, चर्म रोग विशेषज्ञ ; संयुक्त सचिव डॉ नेहा पोद्दार, गायनाकोलॉजिस्ट; संयुक्त सचिव डॉ प्रीति त्यागी, गाइनेकोलॉजिस्ट; संयुक्त कोषाध्यक्ष डॉ वी के बतरा, हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं।
संवाददाताओं से वार्ता में डॉ संदीप वार्ष्णेय ने कार्यकाल के मुख्य बिंदुओं से अवगत कराया जिसमें कार्यकाल 2022-23 की शुरुआत प्रथम दिन रक्तदान शिविर के आयोजन से की जाएगी। जिसमें सभी चिकित्सक एवं वॉलिंटियर तीन स्थानो संतोष हॉस्पिटल ओल्ड बस स्टैंड गाजियाबाद, लाइफलाइन ब्लड बैंक होली चाइल्ड चौराहा नेहरू नगर और गाजियाबाद ब्लड बैंक मालीवाडा चौक में रक्तदान कर सकेंगे और जनता को स्वैच्छिक रक्तदान की अहमियत के बारे में जागरूक कराया जाएगा।
डॉ वार्ष्णेय ने बताया कि उनके कार्यकाल में प्रत्येक रोग दिवस पर पब्लिक हैल्थ अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित होगा, इसमें हैंड बिल्स वितरण, पत्र-पत्रिकाओं में पूर्व सूचनाएं दी जाएंगी। इस अवसर पर सचिव डॉ ज्ञानेन्द्र मित्तल ने कहा कि हमारी टीम शासन – प्रशासन, जननायक चिकित्सकों एवं जनता के बीच उत्तम सामंजस्य स्थापित करते हुए कार्य करेगी एवं जनहित के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
पब्लिक हैल्थ मिशन कार्यक्रम को और आगे बढ़ाते हुए इसमें बच्चों, युवाओं, लड़कियों को हैल्थ हाइजीन एवं शारीरिक बदलावों, मनोरोग, अवसाद इत्यादि पर विशेषज्ञों द्वारा समय समय पर लेक्चर एवं कार्यशाला आयोजित की जाएंगी। समय समय पर कैंसर के प्रति जागरूकता के लिए अभियान चलाए जाएंगे। डा. संदीप वार्ष्णेय ने बताया की वो अपने स्वास्थ्य संबंधित सभी सहयोगियों के साथ व समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जिसमें मिडिया का बड़ा रोल है, समाज के लिए अच्छे से अच्छा करने का प्रयास करेंगे। इसमें कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं और कुछ वेक्सिनेशन और मुफ्त जांचों के कार्यक्रम हैं, जो हम पहले भी करते आए हैं और करते रहेंगे। शहर के और ग्रामीण आँचल के स्कूल, कॉलेज व सामाजिक संस्थाओं, में जा कर स्वास्थ्य संबंधित जानकारी देना हमारे कार्यक्रम में शामिल रहेगा।
