
कैंसर देखभाल, अंग प्रत्यारोपण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में हासिल कीं उपलब्धियां, दूसरे वर्ष में सुविधाओं के विस्तार पर जोर
यूपी – गाजियाबाद। यशोदा मेडिसिटी ने 26 अक्टूबर को अपनी स्थापना का पहला वर्ष पूरा कर लिया। इस दौरान अस्पताल में 1.20 लाख से अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार और बाह्य रोगी विभाग में परामर्श दिया गया। लिवर और किडनी प्रत्यारोपण सहित 4,235 से अधिक सर्जरी की गईं, जबकि 3,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मरीजों ने भी उपचार कराया। यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर में 8,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया।

26 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अस्पताल का उद्घाटन किया था। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मौजूद रहे।
पहले वर्ष में फरवरी 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल के कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित ई-आईसीयू कमांड सेंटर का उद्घाटन किया। एमएमजी जिला अस्पताल के सहयोग से शुरू इस पहल का उद्देश्य सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीजों को बेहतर चिकित्सा सहायता देना है। मई में थैलेसीमिया देखभाल केंद्र भी शुरू किया गया।
अस्पताल ने हृदय संबंधी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए 70 से अधिक जिम प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। वहीं अक्टूबर में लगभग 100 पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को प्राथमिक आघात उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।
यशोदा समूह के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. पी.एन. अरोड़ा और प्रबंध निदेशक डॉ. उपासना अरोड़ा ने कहा कि दूसरे वर्ष में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक उपचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य साझेदारियों का विस्तार प्राथमिकता रहेगी। अस्पताल में 1,200 से अधिक बिस्तरों की नियोजित क्षमता और 65 से अधिक अति विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। अस्पताल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड की मान्यता भी प्राप्त हुई है।

