
यूपी – गाजियाबाद। श्री रामलीला समिति राजनगर में रामलीला के मंचन में श्रवण कुमार वध, उनके माता-पिता द्वारा राजा दशरथ को श्राप देने, चारों राजकुमारों के जन्म और उनकी शिक्षा के प्रसंगों का मंचन किया गया। लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे।
मंचन में दिखाया गया कि श्रवण कुमार अपने माता-पिता को बहंगी में बैठाकर तीर्थयात्रा पर ले जा रहे थे। प्यास लगने पर वे नदी से जल लेने पहुंचे। इसी दौरान शिकार कर रहे राजा दशरथ ने जल की आवाज को जानवर समझकर तीर चला दिया, जिससे श्रवण कुमार की मृत्यु हो गई। अपनी भूल पर दुखी दशरथ ने उनके माता-पिता को घटना की जानकारी दी। पुत्र की मृत्यु से व्यथित माता-पिता ने राजा दशरथ को पुत्र वियोग में प्राण त्यागने का श्राप दिया।

इसके बाद राजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ कराने और तीनों रानियों से राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न के जन्म का प्रसंग दिखाया गया। चारों राजकुमारों की बाल लीलाओं के बाद गुरु आश्रम में शिक्षा ग्रहण करने जाने का मंचन हुआ।
इस अवसर पर संस्थापक सदस्य एवं संरक्षक जितेंद्र यादव (पूर्व विधायक), अध्यक्ष जय कुमार गुप्ता, महामंत्री दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष आरके शर्मा, आरएन पांडेय, राजीव मोहन, विनीत शर्मा, एसएन अग्रवाल, अमरीश त्यागी, राजीव त्यागी, पार्षद प्रवीन चौधरी, सुभाष शर्मा, मुकेश मित्तल, बृजमोहन सिंघल, विनोद गोयल, राजीव गुप्ता, महावीर बंसल, राधेश्याम सिंघल, केपी गुप्ता, रेखा अग्रवाल, सौरभ गर्ग, जीपी अग्रवाल, मोतीलाल गर्ग, सुंदर लाल यादव, मदन लाल हरित, अनिल कुमार (क्वालिटी स्टील), डीके गोयल, दीपक कांत गुप्ता, डॉ. आरके मित्तल, आलोक मित्तल, मनीष वशिष्ठ, आकाश वशिष्ठ, मुकेश शर्मा, श्रीचंद चौहान, वीरेंद्र सारस्वत, गोल्डी सहगल, ओमप्रकाश भोला, विजय लुंबा, संजीव गुप्ता, जितेंद्र रंधावा, भूपेंद्र चित्तौड़िया और जय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

