संत नारायण गुरु की पुण्यतिथि ‘पाखंड निवारण’ दिवस के रूप में मनाई

यूपी – गाजियाबाद/साहिबाबाद। ज्ञानपीठ केंद्र-1, स्वरूप पार्क, जीटी रोड साहिबाबाद के प्रांगण में 20 सितंबर को सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत, क्रांतिकारी समाज सुधारक और मानवतावादी संत नारायण गुरु की पुण्यतिथि ‘पाखंड निवारण’ दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. देवकर्ण चौहान ने की। आयोजन इंजीनियर धीरेन्द्र यादव ने किया और संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया। राजेंद्र सिंह ने देशप्रेम के गीत प्रस्तुत किए।

मुख्य वक्ता शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि संत नारायण गुरु रूढ़िवाद, पाखंड, जातिवाद और कर्मकांड के विरोधी थे। उन्होंने अछूतों और महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ जीवनभर संघर्ष किया। उनका संदेश ‘एक जाति, एक धर्म और एक ईश्वर’ मानवता, समानता और बंधुत्व पर आधारित था। उन्होंने शिक्षा के प्रसार के माध्यम से शोषण और सामाजिक कुरीतियों से मुक्त समाज बनाने का आह्वान किया।

ताहिर अली ने ज्ञानपीठ संदेश पढ़ा। कैलाश चन्द्र, राम प्यारे यादव और जगन्नाथ प्रसाद ने भी विचार रखे। इस अवसर पर देवमन यादव, एसएन जायसवाल, राजाराम मौर्य, अरुण मौर्य, रंजीत यादव, विजय मिश्र, वीर सिंह सैन, सम्राट यादव, मुनीव यादव, ब्रह्म प्रकाश, अवधेश यादव, सुभाष यादव, विक्रम सिंह, सुदर्शन यादव, अमृत लाल चौरसिया, दिलीप यादव, उमेश यादव और हरिकृष्ण यादव सहित अन्य उपस्थित रहे।