
यूपी – गाजियाबाद। हरनंदीपुरम आवासीय योजना को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने और उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) में इसका पंजीकरण नहीं किए जाने की मांग उठाई गई है। 5 नवंबर को फ्लेट ओनर फेडरेशन के मुख्यालय, 133-बी मॉडल टाउन ईस्ट में आयोजित ऑनलाइन बैठक में सिविल सोसाइटी गाजियाबाद के सदस्यों ने पर्यावरण और बढ़ते वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए यह मांग की।
फ्लेट ओनर फेडरेशन के चेयरमैन कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि गाजियाबाद में वायु प्रदूषण नियंत्रित होने तक ऐसी विकास परियोजनाओं को लागू नहीं किया जाना चाहिए, जिनमें पेड़ों की कटाई और हरियाली का विनाश हो। उन्होंने कहा कि बापूधाम योजना में 1200 एकड़ से अधिक कृषि भूमि का स्वरूप बदला गया और विकास के नाम पर पांच हजार बड़े पेड़ काटे जाने का दावा किया। अब हरनंदीपुरम योजना में 1300 एकड़ से अधिक कृषि भूमि के उपयोग को बदलने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर को यूपी रेरा को पत्र लिखकर योजना का पंजीकरण नहीं करने की मांग की गई थी। नई दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास सचिव के समक्ष भी यह मुद्दा उठाया गया था।
बैठक में डॉ. पवन कौशिक, डॉ. आरके आर्या, जय दीक्षित, कैलाश चन्द्र शर्मा, तरुण चौहान, डॉ. एमएल वर्मा, चौधरी मंगल सिंह, गौरव सेनानी ज्ञान सिंह, चन्दन सिंह, एडवोकेट अंशु त्यागी, सुनील वेद, विनीत, मोनिका गोयल और मंजू घई ने मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शहर के हितों के विरुद्ध काम करने वाले अधिकारियों का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।

