
यूपी – हापुड़/पिलखुवा। त्रिरत्न बौद्ध महासंघ उपकेंद्र पिलखुवा के तत्वावधान में आर्यनगर स्थित डॉ. आंबेडकर भवन में आषाढ़ पूर्णिमा एवं गुरु पूर्णिमा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने भगवान बुद्ध एवं डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। धम्ममित्र चांदनी, धम्ममित्र बबीता और धम्ममित्र बीना ने बुद्ध वंदना का संगायन प्रस्तुत किया।
धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने कहा कि आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ के मृगदाय वन में पांच परिव्राजकों को प्रथम उपदेश देकर धम्मचक्र प्रवर्तन किया था। उन्होंने बताया कि इसी दिन से भिक्षु संघ का वर्षावास प्रारंभ होता है, जो अश्विन पूर्णिमा तक चलता है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता, शिक्षक, गुरु और कल्याणमित्रों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए।

नागलोक, नागपुर से धम्म शिविर से लौटने पर धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति का मुनेश, अंजू, बीना सागर, नीतू, अलका बौद्ध, जगवती, ललिता, मुन्नी, साधना और कौशल ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में ममता, ब्रह्मो देवी, कश्मीरी देवी, कृष्णा देवी, सावित्री देवी सहित अनेक महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे। भगवान बुद्ध और गुरु महिमा पर आधारित भजनों का गायन किया गया। कार्यक्रम का संचालन धम्ममित्र बीना बौद्ध ने किया तथा अंत में मिठाई वितरण और धम्मपालन गाथा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

