कांवड़ यात्रा आत्मशुद्धि और आस्था का प्रतीक : पवन सक्सेना

यूपीगाजियाबाद। सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पवन सक्सेना ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, अनुशासन और भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति के साथ नियमों का पालन करने वाले श्रद्धालुओं को भोले शंकर का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पवन सक्सेना ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान मन, कर्म और वचन की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है। इस अवधि में श्रद्धालुओं को शराब, पान, गुटखा, तंबाकू और सिगरेट जैसे नशे से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ उठाने के बाद उसे यात्रा के दौरान जमीन पर नहीं रखा जाता। यदि किसी कारणवश कांवड़ जमीन पर रख दी जाती है तो परंपरा के अनुसार यात्रा अधूरी मानी जाती है और श्रद्धालु को पुनः पवित्र जल भरकर यात्रा शुरू करनी होती है।

उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ का चमड़े से स्पर्श नहीं होना चाहिए और न ही उसे किसी व्यक्ति के ऊपर से ले जाना चाहिए। कांवड़िए के साथ उसका परिवार भी धार्मिक नियमों का पालन करता है। पवन सक्सेना ने सभी कांवड़ियों की सुरक्षित, मंगलमय और सफल यात्रा की कामना करते हुए श्रद्धालुओं से आस्था के साथ अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया।