यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क से व्यापारी वर्ग में नाराजगी

यूपी गाजियाबाद। ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क तथा ₹75,000 से अधिक के लेनदेन पर प्रति ट्रांजेक्शन ₹300 की अधिकतम सीमा लगाए जाने के सरकार के नोटिफिकेशन को लेकर लघु एवं मध्यम व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारियों का कहना है कि इस निर्णय से पहले से आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे कारोबारियों का खर्च और बढ़ेगा।

व्यापारियों के अनुसार बड़े राष्ट्रीय स्तर के खुदरा व्यापारी बैंकों के साथ ऑनलाइन भुगतान को लेकर समझौते कर लेते हैं और ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लेते, लेकिन लघु एवं मध्यम व्यापारियों को ऐसी कोई रियायत नहीं मिलती। ऑनलाइन भुगतान पर लगने वाला शुल्क अंततः व्यापारी को अपनी जेब से वहन करना पड़ता है। ग्राहक से शुल्क मांगने पर वह अन्य दुकानों का उदाहरण देकर भुगतान करने से इनकार कर देता है।

व्यापारियों का कहना है कि सरकार ने यूपीआई भुगतान को बढ़ावा देकर आम जनता को इसकी आदत डाली और अब शुल्क लगाने से सबसे अधिक प्रभावित व्यापारी वर्ग होगा। उन्होंने कहा कि ई-कॉमर्स कंपनियों और आधुनिक खुदरा बाजार से पहले ही कारोबार प्रभावित है, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क से लागत और बढ़ेगी।

व्यापारी संगठनों ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने तथा छोटे कारोबारियों को राहत देने की मांग की है। साथ ही व्यापारियों से इस मुद्दे पर जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया गया है।