
यूपी – गाजियाबाद, 24 जुलाई। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों की लंबित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। महासंघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से लगातार ज्ञापन, बैठकें और आंदोलन करने के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया। इसी के विरोध में 20 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक प्रदेश के विभिन्न नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में दौरा एवं बैठकों का कार्यक्रम शुरू किया गया है।
गाजियाबाद में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र, प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्रा और प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना हजारिया ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। महासंघ की प्रमुख मांगों में अकेन्द्रीयित सेवा नियमावली लागू करना, वर्ष 2001 तक के दैनिक, संविदा एवं सफाई कर्मियों का विनियमितीकरण, छठे वेतन आयोग के बाद की वेतन विसंगतियां दूर करना, कैशलेस इलाज, पुरानी पेंशन बहाली तथा मृतक आश्रितों की नियुक्ति शामिल हैं।
बैठक में प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री, रामकुमार रावत, शैलेंद्र तिवारी, विजय यादव, सपन सिंह, मिशन पाल सिंह, चालक संघ अध्यक्ष सलीम अब्बासी, संजय शर्मा, जयदेव कौशिक, प्रदीप शर्मा, महक सिंह, राम सिंह पटेल, भगवत शरण, राजेंद्र सिंह, प्रदीप राणा (अध्यक्ष), जावेद (महामंत्री, गाजियाबाद) सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन प्रदेश संगठन मंत्री कुलदीप शर्मा ने किया। महासंघ ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर कर्मचारी पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक सरकार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक अभियान चलाएंगे।

