पाकिस्तान में 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारे को गिराने पर प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

यूपी – गाजियाबाद। पाकिस्तान के फर्रुखाबाद में 125 वर्ष पुराने गुरु दरबार (गुरुद्वारा साहिब) की विरासत को कथित रूप से ध्वस्त किए जाने के विरोध में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह के प्रधान इंदरजीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह घटना दुनियाभर के सिख समाज और गुरु घर में आस्था रखने वाले सभी धर्मों के श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है।

ज्ञापन में कहा गया कि गुरुद्वारा साहिब केवल सिख समुदाय का ही नहीं, बल्कि मानवता की साझा धरोहर है। पाकिस्तान में गुरुद्वारों की संपत्तियों पर कब्जे, अतिक्रमण और ऐतिहासिक धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। श्रद्धालुओं ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्र सरकार से पाकिस्तान सरकार के समक्ष यह मुद्दा मजबूती से उठाने की मांग की है।

इंदरजीत सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि पाकिस्तान सरकार से वार्ता कर ध्वस्त किए गए गुरुद्वारा साहिब को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित कराया जाए तथा भविष्य में धार्मिक स्थलों और विरासतों को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह के समस्त पदाधिकारियों एवं गुरु घर में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं का समर्थन भी दर्ज कराया गया।