यूपी – गाजियाबाद। साहेब कबीर जयंती के पावन अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी सिकंदर यादव के निवास पर 15वें विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साहेब कबीर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ। इस अवसर पर सिकंदर यादव ने कहा कि साहेब कबीर की वाणी मानवता, समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देती है। उन्होंने कबीर के प्रसिद्ध दोहों “बुरा जो देखन मैं चला…” तथा “जाति न पूछो साधु की…” का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति का सम्मान उसके ज्ञान, चरित्र और कर्मों से होना चाहिए, न कि जाति या जन्म से।
कार्यक्रम में वीरेंद्र यादव, फैसल खान, नसीम खान, सत्येंद्र यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पत्रकारों में अली मेहंदी, रिंकू सिंह, मुकेश गुप्ता एवं नवीन सेठी मौजूद रहे। इसके अलावा कर्मशील भारती, मनोज शर्मा, कुणाल यादव, रवि यादव, दिनेश यादव, प्रदीप यादव, पूनम यादव, प्रेम के. यादव, राजलक्ष्मी यादव, रतन सिंह यादव, बिजेंद्र यादव, आशीष यादव, जाकिर हुसैन, संदीप, अमित सैनी, आकाश चौधरी, मिलिंद अविनाश, मिलन यादव, अविनाशी यादव, हरसरूप ठेकेदार, आर.पी. सिंह, सोम यादव तथा बसु यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
भंडारे में सभी धर्मों और समाज के लोगों ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। अंत में सिकंदर यादव ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए साहेब कबीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

