वार्ड-33 में बिल्लू यादव के इस्तीफे से गरमाई नगर निगम की सियासत

हाउस टैक्स बढ़ोतरी के विरोध में इस्तीफे को समर्थकों ने बताया जनता के हित में उठाया साहसिक कदम

यूपी – गाजियाबाद। नगर निगम के वार्ड-33 के निर्दलीय पार्षद धीरेंद्र यादव उर्फ बिल्लू के इस्तीफे को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। हाउस टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में धीरेंद्र यादव द्वारा महापौर सुनीता दयाल को इस्तीफा सौंपे जाने की चर्चा के बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

बिल्लू यादव के समर्थकों का कहना है कि इस्तीफे को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें प्रचारित की जा रही हैं। उनका दावा है कि महापौर द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने मात्र से पार्षद का पद तत्काल समाप्त नहीं हो जाता। इसके लिए नगर निगम अधिनियम में निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। हालांकि, इस्तीफे की वैधानिक स्थिति और उसके प्रभाव पर अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा ही स्पष्ट किया जाएगा।

समर्थकों ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध के कारण मामले को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। उनका कहना है कि धीरेंद्र यादव का कदम किसी राजनीतिक दल के विरोध के बजाय वार्ड की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ आवाज उठाना है।

समर्थकों ने कहा कि यदि हाउस टैक्स के विरोध में इस्तीफा दिया गया है तो यह जनता के हित में साहसिक कदम है। हाउस टैक्स को लेकर गाजियाबाद नगर निगम में पहले भी राजनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं।