यूपी – गाजियाबाद। जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी की चुनौतियों से निपटने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) और गाजियाबाद नगर निगम के बीच हीट रेजिलिएंट सिटी परियोजना के तहत महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर गाजियाबाद नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और एनआईयूए की निदेशक ने हस्ताक्षर किए।

नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि देश के चुनिंदा 12 शहरों में गाजियाबाद का चयन इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए किया गया है। इसके लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से गाजियाबाद नगर निगम को पांच करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि से शहर में बढ़ते तापमान को कम करने, नागरिकों को गर्मी से बचाने और जलवायु अनुकूल विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा दीर्घकालिक हीट रेजिलिएंट सिटी फ्रेमवर्क और कार्य योजना तैयार की जाएगी, जो भविष्य की विकास योजनाओं तथा गर्मी से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए नीतियों एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मार्गदर्शक बनेगी। परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 15 माह का समय निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार भी मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने नगर निगम द्वारा संचालित स्थायी एवं अस्थायी प्याऊ तथा गर्मी से राहत के लिए बनाए गए कूलिंग रूम की जानकारी भी दी।






