Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
IMG-20260513-WA0012
Screenshot_20260515_103947_OneDrive
PlayPause
previous arrow
next arrow

ओपन चेस्ट इंजरी से जूझ रहे युवक की जान बचाने में सफल रही यशोदा हॉस्पिटल की सर्जरी टीम

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद। मेरठ एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 31 वर्षीय युवक की जान बचाकर यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर की सर्जरी टीम ने चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल के अनुसार यह अपने प्रकार का अत्यंत जटिल मामला था, जिसमें युवक के सीने में बड़ा खुला घाव हो गया था और बायां फेफड़ा तथा हृदय तक दिखाई दे रहे थे। कई पसलियां टूट गई थीं और मरीज शॉक की स्थिति में था।

24 मई 2026 की सुबह घायल युवक को अस्पताल लाया गया, जहां इमरजेंसी विभाग ने तत्काल उपचार शुरू किया। जांच में हीमोथोरैक्स, फेफड़े का सिकुड़ना, कई पसलियों का फ्रैक्चर तथा स्टर्नोक्लेविकुलर जॉइंट के खिसकने की पुष्टि हुई। मरीज को स्थिर करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित की गई।

सर्जरी का नेतृत्व गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एवं मिनिमल एक्सेस सर्जन डॉ. प्रसन्ना रमना अरुमुगास्वामी ने किया। टीम में डॉ. अजय पंवार, डॉ. मोहम्मद आलम परवाज और डॉ. बृजेश प्रजापत शामिल रहे। इसके अलावा डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. कमलदीप यादव, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. मुकेश कुमार गर्ग तथा डॉ. पंकज अग्रवाल ने भी उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चिकित्सकों ने आधुनिक वीडियो असिस्टेड थोरेकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) तकनीक का उपयोग कर छाती में जमा खून निकाला, टूटी पसलियों को स्थिर किया और खुले घाव का सफल पुनर्निर्माण किया। सर्जरी के बाद मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। लगातार निगरानी और उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ और उसे स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सचिन दुबे ने कहा कि यह सफलता अस्पताल की उन्नत ट्रॉमा केयर और बहु-विषयक चिकित्सा सेवाओं की क्षमता को दर्शाती है।