यूपी – गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में “आधुनिक समाज में शिक्षा के बदलते आयाम” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। बीएड विभाग द्वारा आयोजित इस सेमिनार में 14 विद्यार्थियों ने विभिन्न उप-विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। प्रस्तुत शोधपत्रों में विद्यार्थियों की तार्किक सोच, शोध क्षमता और वर्तमान शैक्षिक प्रवृत्तियों के प्रति जागरूकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का संचालन तनु अग्रवाल ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में एनसीईआरटी के पूर्व प्रोफेसर प्रो. वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने प्राचीन काल से आधुनिक युग तक शिक्षा व्यवस्था में आए बदलावों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने समावेशिता, लचीलापन और शिक्षा में अनुकूलनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष बल दिया।
संस्थान की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा और नैतिक मूल्यों आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष डॉ. गीता रानी ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आधुनिक शिक्षा की चुनौतियों और उसकी शैक्षणिक उपयोगिता पर चर्चा की।
तकनीकी सत्र-1 का संचालन ज्योति कुमारी तथा तकनीकी सत्र-2 का संचालन मनीषा सिंघल ने किया। छात्र समन्वयक गरिमा ने कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि श्रुति त्यागी ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। आयोजन में डॉ. किरण जोशी और जैना सुशील का विशेष सहयोग रहा।








