Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

पुलिस कस्टडी में उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद अल्पसंख्यक कांग्रेस जिला अध्यक्ष यामीन मलिक के नेतृत्व में सहारनपुर में पुलिस कस्टडी उत्पीड़न के शिकार लोगों के दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अधिकारी गाजियाबाद के माध्यम से महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश को ज्ञापन दिया गया।

यामीन मलिक ने बताया कि विदित हो कि 15 जून 2022 को सहारनपुर शहर कोतवाली में 8 मुस्लिम युवकों के बर्बर पुलिस पिटाई का वीडियो वाइरल हुआ था। जिसकी चौतरफा निंदा हुई थी। यहाँ तक कि कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मण्डल ने 17 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन से भी मुलाक़ात कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ़ कार्यवाई की मांग की थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लुकुर और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह समेत कई ज़िम्मेदार लोगों ने इसे पुलिस की छवि बिगाड़ने वाली घटना बताया था। बावजूद इसके सहारनपुर के एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार इस तथ्य को झुठलाते रहे कि यह वीडियो सहारनपुर का है। लेकिन बाद में जब यह साबित हो गया कि वीडियो सहारनपुर का ही है तो पीड़ितों को झूठे मामलों में जेल भेज दिया गया। 22 दिनों बाद 4 जुलाई को सभी लोगों को अदालत ने रिहा कर दिया क्योंकि पुलिस उनके खिलाफ किसी अपराध का सुबूत नहीं दे पायी। पूरा प्रकरण राज्य पुलिस के घोर आपराधिक और गैरकानूनी कार्य शैली का उदाहरण है। उन्होंने कहा पुलिस के इक़बाल के पुनर्बहाली के लिए हम मांग करते हैं कि सहारनपुर कोतवाली में पिटाई की घटना में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उचित धाराओं में जेल भेजा जाए। ऐसे आपराधिक कृत्य को छुपाने अथवा नकारने का प्रयास कर दोषी पुलिसकर्मियों का बचाव करने व अपनी विभागीय ज़िम्मेदारी का निर्वहन न करने वाले एसएसपी आकाश तोमर और एसपी राजेश कुमार को तत्काल निलंबित किया जाए। पूरे मामले की न्यायिक जाँच कराई जाए। पुलिस उत्पीड़न के शिकार सभी 8 निर्दोषों को 20 – 20 लाख रूपये बतौर मुआवजा दिया जाए। अन्यथा पूरी कांग्रेस पार्टी जेल भरो आंदोलन भी करेगी। इस मौके पर पूर्व उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष अकरम अंसारी, उत्तर प्रदेश महासचिव अल्पसंख्यक कांग्रेस अकबर चौधरी, उत्तर प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक कांग्रेस एडवोकेट आफराहम खां, जिला उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक कांग्रेस गाजियाबाद नकी अहमद, गाजियाबाद जिला सचिव कारी शकील सैफी, लोनी अल्पसंख्यक ब्लॉक अध्यक्ष महबूब राजपूत, युवा नेता उस्मान चौधरी, मोहम्मद रिजवान ,इरफान खान, आदि कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।