
नई दिल्ली। शहरी विकास मंत्रालय की बैठक में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) को अधिक प्रभावी बनाने और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। 27 अक्टूबर को संकल्प भवन, नई दिल्ली में मंत्रालय के सचिव सतेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गाजियाबाद की हरनंदीपुरम आवासीय योजना का मुद्दा भी उठाया गया।
बैठक में कोरवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी (वीर चक्र), ई-फोवा अध्यक्ष अभिषेक कुमार, एओए फेडरेशन अध्यक्ष संजय लाल, क्रॉसिंग रिपब्लिक के प्रतिनिधि तरुण चौहान सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।
कर्नल त्यागी ने कहा कि रेरा को बिना विवेकपूर्ण मूल्यांकन के सभी योजनाओं का पंजीकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने हरनंदीपुरम योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि गाजियाबाद पहले से प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में बड़े पैमाने पर हरियाली और पेड़ों के नुकसान की आशंका वाली इस योजना को रेरा पंजीकरण देने से पहले पर्यावरणीय पहलुओं पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि रेरा के समझौता प्रकोष्ठ में होने वाले समझौतों को लोक अदालत भेजा जाए, ताकि घर खरीदारों को शीघ्र न्याय मिल सके।
तरुण चौहान ने निर्माण आधारित भुगतान व्यवस्था में सुधार और फ्लैट का पंजीकरण अनुबंध के समय कराने की मांग रखी। संयुक्त सचिव कुमार रविकांत सिंह ने रेरा की पूरी कार्यवाही ऑनलाइन करने का सुझाव दिया। सचिव सतेन्द्र सिंह ने सभी सुझावों पर विचार कर आगामी बजट में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

