
वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और तालाबों के पुनर्जीवन पर रहेगा जोर
यूपी – गाजियाबाद। बढ़ती जल आवश्यकता और भूजल स्तर पर बढ़ते दबाव के बीच जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से उत्थान समिति ने ‘उत्थान जल संजीवनी अभियान’ की शुरुआत की। जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी एवं जिला गंगा समिति के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार मांडड़ ने अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने जनपदवासियों से जल संरक्षण की मुहिम में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।

डीएम ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। प्रशासन के साथ स्थानीय निकायों, आरडब्ल्यूए, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता जरूरी है। वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों एवं परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा पानी के विवेकपूर्ण उपयोग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
उत्थान समिति के चेयरमैन एवं जिला गंगा समिति के सदस्य सत्येन्द्र सिंह ने कहा कि अभियान का लक्ष्य जल संरक्षण को जन-जन का संकल्प बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल पानी बचाना पर्याप्त नहीं, बल्कि वर्षा की बूंदों को जमीन में पहुंचाकर भूजल का पुनर्भरण भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समिति पर्कोलेशन आधारित रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम को बढ़ावा दे रही है।
अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन, जल के सदुपयोग और जनभागीदारी को प्रमुखता दी जाएगी। सत्येन्द्र सिंह ने बताया कि समिति द्वारा CSR गतिविधियों के माध्यम से गाजियाबाद में कई तालाबों के विकास एवं पुनर्जीवन के कार्य किए जा चुके हैं।
बैठक में डीएफओ ईशा तिवारी, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के मुख्य अभियंता आलोक रंजन, नगर निगम के उद्यान अधिकारी अनुज सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिला गंगा समिति के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समिति ने युवाओं, विद्यार्थियों, आरडब्ल्यूए और औद्योगिक संस्थानों को अभियान से जोड़ने का भी आह्वान किया।

