
यूपी – गाजियाबाद। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा एवं प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा ‘हनुमान’ के सान्निध्य में व्यास पूजन एवं गुरु वंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चना कर विश्व शांति, राष्ट्र की उन्नति और मानव कल्याण की प्रार्थना की गई।
ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा ‘हनुमान’ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है। गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर सत्य, धर्म और संस्कारों का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति श्रद्धा, समर्पण और कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसी भी गुरु को स्वीकार करने से पहले उसके आचरण, चरित्र, ज्ञान, सेवा-भाव, जीवन मूल्यों और समाज के प्रति योगदान की विवेकपूर्ण जांच-परख आवश्यक है। केवल वेशभूषा या बाहरी आडंबर के आधार पर किसी को गुरु नहीं मानना चाहिए। सच्चा गुरु वही है जो अपने शिष्यों में मानवता, राष्ट्रभक्ति, सनातन संस्कृति, सेवा, सदाचार और नैतिक मूल्यों का विकास करे।
कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा के संरक्षण, भारतीय संस्कृति के संवर्धन तथा समाज में सद्भाव और सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। समापन पर प्रसाद वितरण किया गया।

