आरटीई के तहत प्रवेश न देने वाले स्कूलों पर सख्ती, जांच को तीन सदस्यीय जिला समिति गठित

यूपी – गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश न देने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ऐसे विद्यालयों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जिला स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है।

समिति में अपर जिलाधिकारी (सिटी), खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) तथा डायट प्राचार्य को शामिल किया गया है। यह समिति उन निजी विद्यालयों की जांच करेगी, जिनके विरुद्ध आरटीई योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को प्रवेश न देने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार मान्यता प्रत्याहरण (मान्यता निरस्त करने) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

जांच के दायरे में शामिल विद्यालयों में दिल्ली पब्लिक स्कूल (मेरठ रोड), दिल्ली पब्लिक स्कूल (सिद्धार्थ विहार), रोज वैली पब्लिक स्कूल (विजयनगर), गौतम पब्लिक स्कूल (प्रताप विहार), तुलसीराम महेश्वरी पब्लिक स्कूल (मोदीनगर), ईस्ट दिल्ली पब्लिक स्कूल (प्रताप विहार), चिल्ड्रेन अकादमी (विजयनगर), सी.पी. आर्य पब्लिक स्कूल (स्वर्णजयंतीपुरम), सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल (वसुंधरा) तथा डी.एल.एफ. पब्लिक स्कूल (राजेंद्र नगर, साहिबाबाद) शामिल हैं।

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आरटीई अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र बच्चे को शिक्षा का अधिकार दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।