गाजियाबाद। तहसील बार एसोसिएशन गाजियाबाद के नेतृत्व में निजी संस्थाओं द्वारा दस्तावेजों के पंजीकरण की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में बुधवार को सातवें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उत्तर प्रदेश के पंजीकरण मंत्री रविंद्र जायसवाल का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा एवं सचिव दीपक वार्ष्णेय के नेतृत्व में चल रहे धरने में अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन के पंजीकरण एवं निबंधन विभाग द्वारा 4 जून 2026 को जारी आदेश के अनुसार निजी संस्थाओं के माध्यम से दस्तावेजों का पंजीकरण कराने की योजना लागू की जा रही है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस व्यवस्था से पंजीकरण प्रक्रिया सरल होने के बजाय अधिक जटिल हो जाएगी तथा इससे प्रदेश भर के लाखों अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टाम्प विक्रेता, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं मुंशी प्रभावित होकर बेरोजगार हो जाएंगे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराना होना चाहिए, न कि लोगों से उनका रोजगार छीनना। इसी विरोध में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस सहित कई जनपदों में भी अधिवक्ता और बैनामा लेखक आंदोलन कर रहे हैं।
तहसील बार एसोसिएशन की 10 जून 2026 को आयोजित सामान्य सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि 11 जून 2026 से सभी अधिवक्ता, बैनामा लेखक एवं सदस्य न्यायिक तथा पंजीकरण कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।
धरना प्रदर्शन में राजकुमार शर्मा, दीपक वशिष्ठ, शंकर सिंह, विकास त्यागी, विनोद गौतम, दिवाकर शर्मा, दिवांशु गुप्ता, कुनाल त्यागी, कमल सिंह, निरंजन सिंह सिसोदिया, परमानंद भारती, सुशांत जॉनी, पंकज शर्मा, दीपक चौहान, अमित शर्मा, दिनेश कुमार, प्रशांत तथा सुलभ त्यागी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं बैनामा लेखक उपस्थित रहे।







