यूपी – हापुड़/पिलखुवा। आर्यनगर स्थित डॉ. अंबेडकर भवन में माता रमाबाई अंबेडकर महिला संघ द्वारा माता रमाबाई अंबेडकर की 91वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। परिनिर्वाण दिवस समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने कहा कि किसी भी महान व्यक्ति की सफलता में उसकी जीवनसंगिनी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर को “बाबा साहब” बनाने में माता रमाबाई अंबेडकर की त्याग, संघर्ष और समर्पण की बड़ी भूमिका रही। प्रज्ञाकीर्ति ने रमाबाई के जीवन से जुड़े कई प्रेरक प्रसंग साझा किए और बताया कि कठिन परिस्थितियों तथा अपने बच्चों रमेश, राजरतन, गंगाधर और इंदु को खोने के बावजूद उन्होंने बाबा साहब की शिक्षा और सामाजिक आंदोलन में कभी बाधा नहीं आने दी।
इस अवसर पर कांता निमेष, मुनेश, ममता और प्रीति ने गीतों के माध्यम से माता रमाबाई के संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सविता, बीना, नीतू, रामबती, शीला, हेमलता, सुमन, पुष्पा, लक्ष्मी, बाला, मुन्नी, ओमवती, सुनीता, बबीता, सुरेश, विमला, कांति, उषा, साधना, शकुंतला, कृष्णा, गीता, राजवीरी, जगवती, अंजू, राजकली, नेहा गौतम, शिखा और चंद्रवती सहित लगभग 80 महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ धम्मचारिणी प्रज्ञाकीर्ति ने बुद्ध वंदना से किया तथा समापन “सब्बे सत्ता सुखी होंतु” के संगायन के साथ हुआ।






