यूपी – गाजियाबाद। ग्रामीण भारत में रोजगार को राहत आधारित योजनाओं से आगे ले जाकर स्थायी आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025 लागू किया गया है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देगा। यह बात प्रदेश समाज कल्याण मंत्री एवं गाजियाबाद जिला प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, पटेल नगर में आयोजित भाजपा की प्रेस वार्ता में कही।
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि पूर्व में लागू मनरेगा योजना राहत केंद्रित बनकर रह गई थी, जिसमें भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और कमजोर निगरानी जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके विपरीत विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम उत्पादकता और आत्मनिर्भरता पर आधारित है, जो विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जबकि वन क्षेत्रों में कार्यरत अनुसूचित जनजाति के श्रमिकों को 25 दिन अतिरिक्त रोजगार दिया जाएगा। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक होगा और जीपीएस व एआई आधारित निगरानी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अधिनियम में केंद्र और राज्य की 60:40 भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी तथा डिजिटल मॉनिटरिंग और सामाजिक ऑडिट से भ्रष्टाचार पर नियंत्रण होगा। भाजपा द्वारा इस योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 8 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा, जिसमें पत्रकार वार्ताएं, कार्यशालाएं, सम्मेलन, किसान-श्रमिक चौपालें और सोशल मीडिया अभियान शामिल होंगे।
प्रेस वार्ता में महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल और जिलाध्यक्ष चैन पाल सिंह ने सभी अतिथियों और पत्रकारों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विधायक अजीत पाल त्यागी, मंजू शिवाच, नन्द किशोर गुर्जर, दिनेश गोयल, पंचायत अध्यक्ष ममता त्यागी, मीडिया प्रभारी प्रदीप चौधरी, अभियान संयोजक रनीता सिंह, सह संयोजक गुंजन शर्मा, पंकज भारद्वाज, वेदप्रकाश जाटव, महामंत्री सुशील गौतम, महामंत्री राजेश त्यागी, करण शर्मा, आकाश गौतम सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।







