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मोरारी बापू की नौ दिवसीय राम कथा दिल्ली में 17 जनवरी से

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पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में होगा “मानस सनातन धर्म” आयोजन

यूपी – गाजियाबाद। विश्व प्रसिद्ध मानस वक्ता मोरारी बापू की 971वीं राम कथा “मानस सनातन धर्म” का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में 17 से 25 जनवरी तक किया जाएगा। इस भव्य आयोजन की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। अहिंसा विश्व भारत की ओर से यह राम कथा प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगी।

यह राम कथा अपने आयोजन से पहले ही व्यापक चर्चा में है। इसका मुख्य कारण यह है कि मोरारी बापू ने कथा के विषय की घोषणा पहले ही कर दी थी, जबकि परंपरागत रूप से वे कथा के प्रथम दिन व्यास पीठ से विषय की घोषणा करते हैं। चूंकि यह कथा सनातन धर्म पर केंद्रित है, इसलिए देशभर में इसे लेकर विशेष रुचि और उत्साह देखा जा रहा है।

दरअसल, जुलाई 2023 में आंध्र प्रदेश के मल्लिकार्जुन में 12 ज्योतिर्लिंग विशेष राम कथा के दौरान मोरारी बापू ने सनातन धर्म से दूर गए लोगों से वापसी की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि व्यास पीठ उन्हें वापस अपने घर बुला रही है। यह वक्तव्य उस समय काफी चर्चित हुआ था।

भारत मंडपम में 17 जनवरी को कथा का शुभारंभ शाम चार बजे से होगा। इसके बाद प्रतिदिन कथा प्रातः दस बजे से दोपहर लगभग डेढ़ बजे तक चलेगी। सभी श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की भी व्यवस्था की गई है।

अब तक 970 राम कथाएं कर चुके मोरारी बापू अमेरिका स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में राम कथा करने वाले विश्व के पहले कथा वक्ता हैं। जुलाई 2024 में वहां आयोजित राम कथा ऐतिहासिक रही। इसके अलावा अक्टूबर-नवंबर 2025 में रामवन गमन पथ पर हुई उनकी राम यात्रा कथा भी विशेष चर्चा में रही, जिसमें चित्रकूट से रामेश्वरम और फिर श्रीलंका होते हुए अयोध्या तक कथा का आयोजन किया गया।

मोरारी बापू सत्य, प्रेम और करुणा को ईश्वर का स्वरूप मानते हैं। वे कहते हैं कि दूसरों को सुधारने से पहले उन्हें स्वीकार करना सीखना चाहिए। उनके अनुसार ईर्ष्या, द्वेष और निंदा से मुक्त हो जाना ही मोक्ष है। उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद में मई 1990 में घंटाघर रामलीला मैदान तथा फरवरी 2016 में हिंदी भवन में आयोजित कार्यक्रमों में भी मोरारी बापू की गरिमामयी उपस्थिति रही है।