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श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में श्री 108 विमर्श सागर महामुनिराज का ससंघ मंगल प्रवेश

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यूपी – गाजियाबाद परमपूज्य भावलिंगी संत आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महामुनिराज का ससंग (23 पिच्छी) मुनिराजों एवं अनेकों साध्वियों के साथ कवि नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में धूमधाम से बैंड बाजों के साथ 5 जुलाई की सुबह मंगल प्रवेश हुआ।

जैन समाज के प्रवक्ता अजय जैन ने बताया कि आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महा मुनिराज ससंघ तेईस पिच्छीधारी मुनियों एवं अनेकों साध्वियों के साथ तीर्थ क्षेत्र रामपुर से गाजियाबाद की ओर पैदल मंगल विहार करके गाजियाबाद में एम एस एस गोविंदपुर में पहुँचे जहाँ पर मुनि महाराज की आरती करके सभी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके उपरांत एम एस एस में जैन बन्धु एवं महिलाओं ने मुनिवरों को आहार दिया। उसके उपरांत सायं गुरु भक्ति हुई जिसमें सैकड़ों भक्तों ने हिस्सा लिया और गुरू भक्ति का आनंद लिया। सुबह 5 जुलाई को आचार्य संघ ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कविनगर की ओर मंगल विहार किया जिसमें कई सौ की संख्या में धर्मप्रेमी बंधु चल रहे थे तथा रास्ते में मुनिश्रेष्ठों का संघ शास्त्रीनगर जैन मंदिर में रूका जहाँ पर उनका शास्त्रीनगर जैन समाज ने भव्य स्वागत किया तथा पाद प्रच्छालन करके आशीर्वाद लिया। जगह जगह जैन समाज के लोगों ने आरती करके आचार्य श्री से आशीर्वाद लिया। उनका मंगल प्रवेश मंगलवार सुबह 9 बजे बड़े ही धूमधाम से बैंड बाजों के साथ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कविनगर में हुआ। जहाँ पर सैकड़ों पुरुषों महिलाओं ने मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया।यह दृश्य बड़ा ही मनोहारी था चारों तरफ़ आचार्य श्री के जयकारे लग रहे थे। यहाँ पर आचार्य श्री मुनि संग चार महीने का चातुर्मास कविनगर जैन मंदिर में ही करेंगे।
इस अवसर पर एटा, दिल्ली, जबलपुर, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तरांचल आदि प्रदेशों से सैकड़ों की संख्या में भक्तगण उपस्थित हुए। जैन समाज द्वारा सभी भक्तगणों का स्वागत किया गया इस अवसर पर जिला गाजियाबाद की समस्त महिला समितियौं ने इस कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। अजय जैन ने बताया कि 13 जुलाई दिन बुधवार को श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कविनगर में बड़े ही उत्साह के साथ मंगल कलश स्थापना की जाएगी जिसमें पूरे देश से भारी संख्या में जैन भक्त उपस्थित होंगे।

   मंगल प्रवेश के अवसर पर बोलते हुए आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति का स्थायित्व बनाए रखने में जैन संतों की अहम भूमिका है भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में चरितार्थ करने वाले जैन संत निरंतर आत्म कल्याण के साथ साथ प्राणिमात्र के कल्याण की भावना भी अपने अंदर संजोये रहते है यही कारण है कि जैन दिगंबर संत वर्षाकाल के प्रारंभ होते ही एक स्थान पर ठहर जाते हैं जिससे किसी भी सूक्ष्म से सूक्ष्म जीभ का भी उनके द्वारा हिंसा न हो। चार्तुमास काल निकट होने से सम्पूर्ण भारतवर्ष में जैन संत चातुर्मास हेतु एक नियत स्थान पर पहुँच रहे हैं उसी के तहत हमारा संग भी श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर कविनगर पहुँच चुका है आचार्य श्री 108 विमर्श सागर महामुनि राज का सन 2022 का जिनागम पंथ प्रभावक स्वर्णिम विमर्श वर्षा योग उत्तर प्रदेश की पुण्य धरा गाजियाबाद में होने जा रहा है उनके आने से गाजियाबाद की धरा आज पवित्र हो गई है जन्मों जन्मों के सातिशय पुण्य जब फलित होते हैं तब प्राणियों को निर्ग्रंथ तपोधन  वीतरागी संतों के दर्शन होते हैं ऐसा ही महान अवसर गाजियाबाद निवासी जनों को आज मिला है।
इस अवसर पर जम्बू प्रसाद जैन अध्यक्ष प्रदीप जैन महामंत्री प्रदीप जैन कोषाध्यक्ष विवेक जैन रिषभ  जैन अजय जैन धर्मेन्द्र जैन सुनील जैन साधना जैन रेखा जैन स्नेहा जैन संगीता जैन नीतू जैन स्वाती जैन पुष्पा जैन शशि जैन विभा जैन विनय जैन नरेंद्र जैन गोपाल जैन दीपक जैन प्रखर जैन तरस जैन संजय जैन संदीप जैन राजू जैन डीके जैन राजेंद्र जैन नीतीश जैन अशोक जैन आर सी जैन राजू जैन आदि का विशेष योगदान रहा।