Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

योगी सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे, लापरवाही बर्दाश्त नहीं: नरेन्द्र कश्यप

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – लखनऊ, योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने मंगलवार को सचिवालय स्थित कक्ष संख्या–80 में विभागीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित सभी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक अवश्य पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान शादी अनुदान योजना, छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना, कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना, बजट व्यय, रिक्त पदों और तकनीकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना के क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 15 दिसंबर 2025 तक 69,644 लाभार्थियों को 139.288 करोड़ रुपये पीएफएमएस के माध्यम से उनके खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। शेष पात्र आवेदकों को शीघ्र लाभ दिलाने के लिए मण्डलीय व जनपदीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं की समीक्षा में अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति के अंतर्गत 6,90,349 छात्रों को 147.75 करोड़ रुपये तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति के अंतर्गत 5,85,954 छात्रों को 175.54 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। अब तक कुल 12,76,303 छात्रों को 323.29 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। मंत्री ने ट्रांजेक्शन फेल मामलों में री-पेमेंट की स्वचालित व्यवस्था को प्रभावी बनाने और छात्रों को एसएमएस व ई-मेल से सूचना देने के निर्देश दिए।

कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि 299 पात्र संस्थाओं में 21,336 ओ-लेवल और 7,355 सीसीसी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिस पर 19.18 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में मंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल नवाचार और बजट मॉनीटरिंग को और मजबूत करने के निर्देश दिए।