Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

सेवा समर्पण सरस्वती विद्यामंदिर में निबंध प्रतियोगिता, बच्चों में बढ़ी पर्यावरण जागरूकता

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद, सेवा समर्पण कल्याण समिति द्वारा संचालित सेवा समर्पण सरस्वती विद्यामंदिर विद्यालय में कक्षा 4 से 8 के विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की समझ विकसित करना और वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर जागरूकता बढ़ाना था। इसी उद्देश्य से प्रतियोगिता का विषय “एयर पॉल्यूशन (वायु प्रदूषण)” निर्धारित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी सिकन्दर यादव को आमंत्रित किया गया। विद्यालय में पहुंचने पर समिति और विद्यालय परिवार ने उनका स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने वायु प्रदूषण के बढ़ते खतरे, उसके दुष्प्रभाव और समाधान पर प्रभावी विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी करने, पेड़ लगाने, प्रदूषण रोकने और स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा दी। उनकी बातों ने विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया।

प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी और उत्साह से कार्यक्रम की सफलता साफ झलक रही थी।

समारोह में समिति की अध्यक्षा शालू सिंह ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई चेतना उत्पन्न हुई है। उन्होंने बच्चों की रचनात्मकता और सहभागिता की भी सराहना की।

समापन अवसर पर सिकन्दर यादव ने विद्यालय द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और भविष्य में भी शिक्षा व विद्यालय विकास के लिए सहयोग का आश्वासन दिया।

समिति और विद्यालय के संयुक्त प्रयासों से यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और रचनात्मक सोच को नई दिशा मिली।