
यूपी – गाजियाबाद, 8 सितंबर। शम्भु दयाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शोध व्याख्यान माला के अंतर्गत ‘शोध और शासन प्रणाली’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। प्राचार्या प्रो. रोचना मित्तल ने विशेषज्ञ वक्ता प्रो. निवेदिता मलिक, प्राचार्या रघुनाथ गर्ल्स स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मेरठ का स्वागत किया।
राजनीतिशास्त्र विभाग के प्रभारी प्रो. साकेत शिशोदिया ने निवेदिता मलिक के छात्र जीवन में छात्र संघ तथा बाद में शिक्षक संघ की अध्यक्ष के रूप में योगदान का उल्लेख करते हुए परिचय कराया। प्रो. जय कुमार सरोहा ने शोध मीमांसा मंच को शोधार्थियों के लिए उपयोगी बताया।
प्रो. निवेदिता मलिक ने कहा कि प्रत्येक देश की चुनौतियां, क्षमताएं, विकास स्तर और प्राथमिकताएं अलग होती हैं, इसलिए शासन प्रणाली भी अलग होना स्वाभाविक है। शोधकर्ता अपने निष्कर्ष नीति निर्धारकों तक पहुंचाकर सामाजिक कल्याण में योगदान देता है। उन्होंने शोध को निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया।
प्रश्नोत्तर सत्र में शोधार्थियों की शंकाओं का समाधान किया गया। प्रो. रोचना मित्तल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के शोध में सावधानीपूर्वक उपयोग पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन प्रो. पूनम सिंह ने किया। प्रो. प्रियंका सिंह, प्रो. अनिल लाल, प्रो. प्रवीण कुमार, प्रो. गीता पांडे, प्रो. मिति पांडे, प्रो. शिल्पी जिन्दल, प्रो. वन्दना शर्मा, प्रो. उर्विजा शर्मा, प्रो. अमित गौतम, डॉ. एन.के. गर्ग, डॉ. एस.के. अग्रवाल और डॉ. विनोद वर्मा सहित शिक्षक उपस्थित रहे। 55 शोधार्थियों समेत विद्यार्थियों ने लाभ लिया।

