
यूपी – गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ विधि संस्थान के एल.एल.बी. तीन वर्षीय विभाग की ओर से ‘मुफ्त तकनीक की कीमत, निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और संविधान’ विषय पर अतिथि व्याख्यान आयोजित किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय विधि संकाय के डॉ. योगेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल निगरानी के बढ़ते प्रभावों से अवगत कराया।
डॉ. योगेश मिश्रा ने कहा कि तकनीकी विकास के साथ निजता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े नए सवाल भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों से उत्पन्न कानूनी एवं संवैधानिक चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को तकनीकी विकास और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मेवाड़ समूह शिक्षण संस्थान की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने मुख्य वक्ता डॉ. योगेश मिश्रा का सम्मान किया।
कार्यक्रम के अंत में एल.एल.बी. विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता कौल ने अतिथि वक्ता, विद्यार्थियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

