
यूपी – गाजियाबाद। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाए अथवा 5 सितंबर को, इसे लेकर श्रद्धालुओं में बनी असमंजस की स्थिति को सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष एवं हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज ने स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी मनाना सर्वश्रेष्ठ एवं शास्त्र सम्मत है।
महंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि में निशीथ काल अर्थात मध्यरात्रि में हुआ था। इस वर्ष 4 सितंबर की रात्रि के निशीथ काल में अष्टमी तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए जन्मोत्सव इसी दिन मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि उनके सानिध्य में 4 सितंबर को दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर, गौशाला रोड में भव्य जन्माष्टमी महोत्सव होगा। रात्रि 8 बजे से लड्डू गोपाल का गोपाल सहस्रनाम से विशेष अभिषेक एवं अर्चन किया जाएगा। माखन-मिश्री सहित विभिन्न भोग लगाए जाएंगे तथा कृष्णलीला, नृत्य-नाटिका और धार्मिक झांकियां प्रस्तुत होंगी।
मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष के साथ विशेष आरती होगी। श्रद्धालुओं को चरणामृत, पंजीरी, माखन-मिश्री, फल एवं प्रसाद वितरित किया जाएगा। मीडिया प्रभारी एस आर सुथार ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं से महोत्सव में शामिल होने की अपील की गई है।

