काव्य-संग्रह ‘मैं तेरी बाँसुरी बनूँ’ का लोकार्पण, कवियों ने जमाया रंग

यूपी – नोएडा। कवयित्री एवं साहित्यकार अलका शर्मा के नवीनतम काव्य-संग्रह ‘मैं तेरी बाँसुरी बनूँ’ का लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं कविता सम्मेलन सेक्टर-38 स्थित गोल्फ कोर्स क्लब में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाषा वैज्ञानिक एवं साहित्यकार महावीर सरन जैन ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं साहित्यकार सी. बी. सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में कवि नरेश शांडिल्य, हिन्दी अकादमी दिल्ली के पूर्व उपसचिव ऋषि कुमार शर्मा तथा कवि मनोज अबोध शामिल रहे। संचालन कवि, पत्रकार एवं प्रकाशक डॉ. चेतन आनंद ने किया।

वक्ताओं ने कहा कि अलका शर्मा की कविताओं में संवेदना, जीवनानुभव, मानवीय मूल्य, सहजता और सामाजिक सरोकारों का सुंदर समन्वय है। ‘मैं तेरी बाँसुरी बनूँ’ में जीवन के विविध रंगों और गहरी अनुभूतियों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया गया है।

कविता सम्मेलन में रमेश प्रसून, डॉ. आलोक बेजान, डॉ. मनोज कामदेव, जगदीश मीणा, अनिल मीत, बाबा कानपुरी, भूपेंद्र राघव, निर्देश निधि, शोभा सचान, राज रानी भल्ला, पूजा श्रीवास्तव, डॉ. राजेश श्रीवास्तव राज, सोनिया अक्स सोनम, संगीता अहलावत, अदिति अस्थाना, जाह्नवी सिंह, विजय कुमार सिंह और रविन्द्र गर्ग ने काव्य-पाठ किया। आयोजन देवप्रभा प्रकाशन, गाजियाबाद की ओर से हुआ। इस दौरान अंगवस्त्र, मोतियों की माला और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अभिलाष शर्मा, कनिका, नीतिका, अरविन्द भाटी, बिपिन गौड़ और मंजुला रॉय सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।