
यूपी – गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट के बी.ए. एलएल.बी. द्वितीय वर्ष के 50 विद्यार्थियों ने राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने “मध्यस्थता के गांधीवादी दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित व्याख्यान में भाग लेकर शांतिपूर्ण विवाद समाधान के सिद्धांतों को समझा।
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर आधारित वीडियो प्रस्तुति से हुई। इसके बाद डॉ. वेदाव्यास कुंडू ने पीपीटी के माध्यम से सत्य, अहिंसा, संवाद, करुणा, नैतिकता और पारस्परिक समझ के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता का उद्देश्य केवल विवादों का समाधान करना नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच विश्वास और संबंधों को पुनः स्थापित करना भी है।

मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने विद्यार्थियों को गांधीजी के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेने तथा शांतिपूर्ण विवाद समाधान में मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका को समझने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. वेदाव्यास कुंडू ने विद्यार्थियों को गांधीवादी चरखा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गांधी दर्शन संग्रहालय का भी अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित ऐतिहासिक तस्वीरों एवं वस्तुओं के माध्यम से महात्मा गांधी के जीवन, विचारों और योगदान के बारे में उपयोगी जानकारी प्राप्त की।

