
यूपी – लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य दिनेश कुमार गोयल ने विधान परिषद में नियम-110 एवं नियम-111 के अंतर्गत जनहित से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मुद्दे उठाते हुए सरकार का ध्यान प्रदेश के सरकारी भवनों की जर्जर स्थिति, सार्वजनिक उपयोग की सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों तथा मेरठ की लंबित सीवर लाइन परियोजना की ओर आकर्षित किया।
दिनेश कुमार गोयल ने कहा कि मेरठ महानगर के जोन-6, पार्ट-1 में लगभग तीन वर्ष पहले 112 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई सीवर लाइन आज तक चालू नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से करीब 20 लाख लोगों को जल निकासी की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने सरकार से परियोजना को तत्काल संचालित कराने की मांग की।
उन्होंने प्रदेश के सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक भवनों की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी भवनों का तकनीकी सर्वे कराकर आवश्यक मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसके अलावा दिनेश कुमार गोयल ने चारागाह, नदी, तालाब और अन्य सार्वजनिक उपयोग की सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों और अनियमित आवंटनों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों का संरक्षण जनहित और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार इन मुद्दों पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करेगी।

