दूधेश्वर वेद विद्यालय के रजत जयंती समारोह में वैदिक शिक्षा और गुरुकुल परंपरा का हुआ गौरवगान

यूपी – गाजियाबाद। सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर स्थित दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान का रजत जयंती समारोह भव्य रूप से आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि ने की। उन्होंने कहा कि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए प्राचीन गुरुकुल शिक्षा पद्धति को अपनाना आवश्यक है और दूधेश्वर वेद विद्यालय इसी दिशा में कार्य कर रहा है।

समारोह में आचार्य महामंडलेश्वर विश्वेश्वरानंद गिरि, आचार्य प्रमोद कृष्णम, महामंडलेश्वर चेतना माता, महामंडलेश्वर श्रद्धामाता, महंत कंचन गिरि, महंत धीरेंद्र पुरी तथा महंत मुकेशानंद गिरि सहित देशभर से आए संतों ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के विद्यार्थी धर्म, ज्ञान, संस्कार और नैतिक मूल्यों का प्रकाश देश-विदेश तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्य अतिथि रावल किशन सिंह (राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल-बालोतरा) ने कहा कि संस्थान संस्कारयुक्त शिक्षा देकर भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विशिष्ट अतिथियों प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल (महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान), आलोक कुमार (विश्व हिंदू परिषद), विधायक संजीव शर्मा, कुंवर हरिशचंद्र सिंह तथा शिक्षाविद राम अवतार जिंदल ने भी वैदिक शिक्षा के संरक्षण में संस्थान की भूमिका की प्रशंसा की।

समारोह में संस्थान की स्मारिका का विमोचन किया गया तथा विद्यार्थियों ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपड़ा, विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी, एस.आर. सुथार, बी.के. शर्मा ‘हनुमान’, एडवोकेट हर्ष पांडेय, संजीव गुप्ता, नितिन कुमार और राज कौशिक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, मंगलाचरण, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना से हुआ तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।