

यूपी – गाजियाबाद। संयुक्त ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह नागर ने संभागीय परिवहन अधिकारी, गाजियाबाद को ज्ञापन सौंपकर परिवहन व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि नेशनल परमिट वाहनों में वीएलटीडी (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) लागू होने से परमिट जारी करने में बाधाएं आ रही हैं। वर्ष 2019 मॉडल के कई वाहन मालिकों को इस व्यवस्था और पैनिक बटन के उपयोग की पर्याप्त जानकारी नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में उत्तर प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में अधिक परिवहन कर को कम करने, बिना चालक के हस्ताक्षर के ई-चालान जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर आरटीओ की चेकिंग के दौरान होने वाले हादसों की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की गई। एसोसिएशन ने कहा कि यातायात चालानों के निस्तारण की सुविधा आरटीओ कार्यालय के साथ-साथ न्यायालय में भी उपलब्ध होनी चाहिए।
इसके अलावा फिटनेस प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया के निजीकरण का विरोध करते हुए मोटर वाहन अधिनियम के तहत यूरो-6 मानक वाले कम प्रदूषणकारी वाहनों की आयु 10 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष करने की मांग भी उठाई गई।
सुरेन्द्र सिंह नागर ने बताया कि ज्ञापन की प्रतिलिपि परिवहन आयुक्त, लखनऊ तथा परिवहन मंत्री सचिवालय, लखनऊ को भी भेजी गई है। उन्होंने कहा कि परिवहन कारोबारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होने से पूरे प्रदेश के लाखों वाहन स्वामियों और ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी।

