डॉ कुँअर बेचैन की जयंती पर सजा भव्य कवि सम्मेलन, बारिश के बीच पांच घंटे तक बही काव्यधारा

यूपी – गाजियाबाद। महाकवि डॉ कुँअर बेचैन की 84वीं जयंती पर डॉ कुँअर बेचैन स्मृति न्यास ऑस्ट्रेलिया एवं साहित्यिक संस्था ‘काव्य कोना’ के संयुक्त तत्वावधान में दूधेश्वर नाथ मंदिर के नवनिर्मित सभागार में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। भारी बारिश के बावजूद सैकड़ों साहित्य प्रेमियों ने पांच घंटे तक गीत, ग़ज़ल और कविताओं का आनंद लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ अशोक चक्रधर ने की। उन्होंने डॉ कुँअर बेचैन के साहित्य और उनके सकारात्मक व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनकी रचनाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। मुख्य अतिथि शहर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि डॉ कुँअर बेचैन ने गाजियाबाद को विश्व साहित्य के मानचित्र पर पहचान दिलाई। दूधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर नारायण गिरी ने साहित्यिक गतिविधियों को समाज की प्राणवायु बताते हुए डॉ बेचैन के पुत्र प्रगीत कुँअर और पुत्रवधू डॉ भावना कुँअर के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन राज कौशिक ने किया, जबकि स्वागताध्यक्ष राम अवतार जिंदल रहे। आयोजन में पंकज जिंदल का विशेष सहयोग रहा।

कवि सम्मेलन में कर्नल संजय चतुर्वेदी, विजेंद्र सिंह परवाज़, राज कौशिक, राजेश त्रिपाठी, डॉ तारा गुप्ता, डॉ मधु चतुर्वेदी, डॉ तूलिका सेठ, प्रतीक सक्सेना, डॉ वीणा मित्तल, कोमल रस्तोगी, शैलजा सक्सेना, नेहा वैद्य और रचना वार्ष्णेय ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।

इस अवसर पर पृथ्वी सिंह कसाना, ललित जायसवाल, विशाल कौशिक, जय भगवान गर्ग, राकेश गुप्ता, विजय मित्तल, तरुण गोयल, सत्येन्द्र आत्रे, डॉ पुष्पा जोशी, डॉ सुरभि सक्सेना तथा अशोक गोयल सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।