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धर्मपाल गर्ग ने संत की तरह जिया जीवन, सेवा और भक्ति की मिसाल बने : महंत हरि गिरि महाराज

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नई दिल्ली। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष धर्मपाल गर्ग का निधन मकर संक्रांति के पावन पर्व पर हो गया था। उनकी उठावनी एवं प्रार्थना सभा शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, गेट नंबर-2, प्रगति विहार में आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा में देशभर से आए हजारों संतों, महंतों और भक्तों ने धर्मपाल गर्ग को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धांजलि सभा में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज तथा सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने विधि-विधान के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग का जीवन धर्म, भक्ति और सेवा को समर्पित रहा। उन्होंने पूरा जीवन एक संत की तरह व्यतीत किया और उनका जीवन समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धर्मपाल गर्ग ने नर सेवा को ही नारायण सेवा मानते हुए समाज के उत्थान का कार्य किया। उन्होंने सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर जूना अखाड़े के मंत्री एवं दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महामंडलेश्वर स्वामी कंचन गिरि महाराज तथा दिल्ली संत महामंडल के कोतवाल स्वामी मंगल गिरि महाराज भी उपस्थित रहे।

श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के प्राचार्य आचार्य तोयराज उपाध्याय, ऋग्वेदी आचार्य किशन शर्मा और आचार्य मनीष ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धांजलि अर्पित की। धर्मपाल गर्ग के परिजनों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।