मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह मोरसीम नगर में दूसरे दिन दुर्गासप्तशती का हुआ हवन


राजस्थान – जालोर जिले के बागोड़ा के निकट मोरसीम गांव में आशापुरा माता मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा एवं मूर्ति स्थापना को लेकर गत डेढ़ माह से विभिन्न तैयारियां व गांव को दुल्हन की तरह सजाने का काम जोरों पर चल रहा है।
मंगलवार को कार्यक्रम के दूसरे दिन मंडप पूजन एवं अग्नि स्थापना के साथ दुर्गासप्तशती हवन मूर्ति अन्नादिवास के द्वारा शुभारंभ किया गया जोकि आशापुरा माताजी सेवा संस्थान राजपूत (समस्त चौहान पट्टी) की और से करवाया जा रहा है।

बागेडा मोरसीम में आशापुरा माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में मंगलवार को हवन अग्नि स्थापना कार्यक्रम का आयोजन किया गया वही 3 फरवरी को मूर्ति स्थापना के साथ पांच दिवसीय महोत्सव का समापन होगा। प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रदेश भर से प्रमुख साधु-संतो का सानिध्य रहेगा जो प्रवचन के द्वारा भक्तजन को धर्म के लिए प्रेरित करेंगे। आज दूसरे दिन तारातरा मठ के महंत प्रताप पुरी महाराज देवगिरी भालनी मठ थानापति महंत सुन्दर गिरि महाराज, पुनासा मठ के सोमेश्वर गिरि महाराज, महंत चन्दन गिरि महाराज, आबुराज महाराज गाजियाबाद दुधेश्वरनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के अन्तर्राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरि महाराज एवं जोधपुर के नरेश महाराजाधीश, राजा गजसिह का भी आगमन हुआ। जिसमें महात्माओ का स्वागत एवं सत्कार किया अध्यक्षता खेम सिंह की अध्यक्षता में आशापुरा माता सेवा संस्थान के द्वारा भव्य मंदिर निर्माण हुआं जिसमें 121 विद्वान पंडितों द्वारा शस्त्र चंडी महायज्ञ आचार्य तोयराज उपाध्याय के नेतृत्व में हवन अग्नि स्थापना हुई एवं ख्यातिप्राप्त भजन कलाकारों द्वारा शानदार भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रधान संकल्प, गणेश मातृका पूजन, वैश्य दैव, वंशाधारा, वाघिनी पूजन, मंडप प्रवेश ग्रह होम व अग्नि स्थापना समेत कई धार्मिक अनुष्ठान के कार्यक्रम होंगे। प्रतिष्ठा के अंतिम दिन शुभ मूहूर्त में मूर्ति स्थापना, अधोर होम, उन्नाभिषेक व आशीर्वाद समेत अन्य कार्यक्रम के साथ ही मंदिर पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा के साथ कार्यक्रम सम्पन्न होंगी। पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा में साधु संत महात्माओ एवं सैकड़ों भक्तों व ग्रामवासि एवं राजघराने के अलावा कई राजनैतिक हस्तियां शिरकत करेंगी।