मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट में मानवाधिकारों पर संगोष्ठी आयोजित

बाल अधिकारों, कैदियों के अधिकारों और सामाजिक चुनौतियों पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

यूपी – गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ लॉ इंस्टीट्यूट में ‘समकालीन समाज में मानवाधिकार’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने मानवाधिकारों के संरक्षण, कानूनी प्रावधानों और सामाजिक चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए।

संगोष्ठी में एडवोकेट बरखा छाबड़ा ने बाल अधिकारों के संरक्षण तथा इस दिशा में आवश्यक नीतिगत बदलावों पर अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता एडवोकेट अशोक बाबू ने कैदियों और विचाराधीन कैदियों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और कानूनी संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में बीएएलएलबी के 15 विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतियां दीं। इनमें शिक्षा का अधिकार, महिला अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, निजता का अधिकार, स्वास्थ्य, श्रम अधिकार और अपराध पीड़ितों के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया।

संगोष्ठी के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। संस्थान की निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की संगोष्ठियां विद्यार्थियों में शोध, तार्किक विश्लेषण और आलोचनात्मक चिंतन की प्रवृत्ति विकसित करती हैं। इससे उन्हें कानूनी विषयों की गहरी समझ प्राप्त होती है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. वियंता पाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी का संयोजन एचएसएस विभाग ने किया।